Tuesday, 17 January 2017

Ek Vichar : Bahut Se Rishto Ko Kho Daite He

gazab post


Koi Koi Vyakti Apne Ahem Or Ghamand Ke Kaaran
Baatchit Me To Jeet Jate He
Lekin Vo Bahut Se Rishto Ko Kho Daite He

Ek Vichar : Achhe Karmo Ko Prathmikta De

ek vichar

Pta Nahi Tum Kab ...He Se ...Tha Ho Jao
Isliye achhe karmo ko apne Jeevan Me Prathmikta De


Friday, 13 January 2017

Ek Vichar Hindi Post


Gyan insaan ko prem ke sath jhukna sikhata haioragyanta insaan ko ahem ke sath khada rehna


Monday, 26 December 2016

Saanch Barabar Tap Nahi

Saanch Barabar Tap Nahi jhut braber paap
jake hirdye saanch he take hirdye aap

साँच बराबर तप नहीं, झूट बराबर पाप !
जाके ह्रदय साँच है, ताके ह्रदय आप !!

kabir ke dohe images

Saturday, 24 December 2016

Friday, 23 December 2016

Latest Hindi Jokes

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आध्यात्मिक कथा (कहानी)

एक भक्त था वह परमात्मा को बहुत मानता था, 
बड़े प्रेम और भाव से उनकी सेवा
किया करता था ।

एक दिन भगवान से 
कहने लगा – 

मैं आपकी इतनी भक्ति करता हूँ पर आज तक मुझे आपकी अनुभूति नहीं हुई ।

मैं चाहता हूँ कि आप भले ही मुझे दर्शन ना दे पर ऐसा कुछ कीजिये की मुझे ये अनुभव हो की आप हो।

भगवान ने कहा ठीक है, 
तुम रोज सुबह समुद्र के किनारे सैर पर जाते हो, 
जब तुम रेत पर
चलोगे तो तुम्हे दो पैरो की जगह चार पैर दिखाई देंगे ।
दो तुम्हारे पैर होंगे और दो पैरो के निशान मेरे होंगे ।

इस तरह तुम्हे मेरी 
अनुभूति होगी ।

अगले दिन वह सैर पर गया,
जब वह रेत पर चलने लगा तो उसे अपने पैरों के साथ-साथ दो पैर और भी दिखाई दिये वह बड़ा खुश हुआ ।

अब रोज ऐसा होने लगा ।

एक बार उसे व्यापार में घाटा हुआ सब कुछ चला गया,
वह रोड़ पर आ गया उसके अपनो ने उसका साथ छोड दिया ।

देखो यही इस दुनिया की प्रॉब्लम है, मुसीबत में सब साथ छोड़ देते है ।

अब वह सैर पर गया तो उसे चार पैरों की जगह दो पैर दिखाई दिये ।

उसे बड़ा आश्चर्य हुआ कि बुरे वक्त में भगवान ने भी साथ छोड दिया।

धीरे-धीरे सब कुछ ठीक होने लगा फिर सब लोग उसके
पास वापस आने लगे ।

एक दिन जब वह सैर 
पर गया तो उसने देखा कि चार पैर वापस दिखाई देने लगे ।

उससे अब रहा नही गया,
वह बोला- 

भगवान जब मेरा बुरा वक्त था तो सब ने मेरा साथ छोड़ दिया था पर मुझे इस बात का गम नहीं था क्योकि इस दुनिया में ऐसा ही होता है,
पर आप ने भी उस समय मेरा साथ छोड़ दिया था, 
ऐसा क्यों किया? 

भगवान ने कहा – 

तुमने ये कैसे सोच लिया कि मैं तुम्हारा साथ छोड़ दूँगा,
तुम्हारे बुरे वक्त में जो रेत पर तुमने दो पैर के निशान देखे वे तुम्हारे पैरों के नहीं मेरे पैरों के थे, 

उस समय में तुम्हे अपनी गोद में उठाकर चलता था और आज जब तुम्हारा बुरा वक्त खत्म हो गया तो मैंने तुम्हे नीचे उतार दिया है ।

इसलिए तुम्हे फिर से चार पैर दिखाई दे रहे ।

So moral is never loose faith on God. U believe in him, he will look after u forever.

Funny Hindi Jokes

माँ और बीवी में सबसे बड़ा फर्क ये है कि -
"माँ बेटे की रग रग पहचानती हैं



और बीवी दुखती रग.." 

Funny Hindi Jokes

पति-पत्नी एक भीड़ भरी बस में यात्रा कर रहे थे,
पतिदेव एक सुन्दर औरत से बस में सटकर खड़े 
हुए थे ...
स्वाभाविक रूप में ,यह देखकर पत्नी जल रही थी !
अचानक वह सुन्दर औरत घूमी और आदमी के गाल पर 
एक जोरदार तमाचा मारा !
''शर्म नहीं आती पराई औरत को चिकोटी काटते!''
बस से उतरकर पति पत्नी को सफाई देने लगा कि उसने चिकोटी नहीं काटी थी।


पत्नी अर्थपूर्ण नज़रों से देखते हुए मुस्कुराकर

 बोली ....
'' और चिपको ??? चिकोटी मैनें ही काटी थी ।"

Hindi Jokes

शादी क्या होती है ......
ये समझने के लिए .....
एक वैज्ञानिक ने शादी कर ली....
.
अब उसको समझ नही आ रहा कि 
.
.
.
विज्ञान क्या होता है...!!!

आध्यात्मिक लघु कथा

आध्यात्मिक कहानी : कर्मफल का विधानभगवान ने नारद जी से कहा आप भ्रमण करते रहते हो कोई ऐसी घटना बताओ जिसने तम्हे असमंजस मे डाल दिया हो…नारद जी ने कहा प्रभु अभी मैं एक जंगल से आ रहा हूं, वहां एक गाय दलदल में फंसी हुई थी। कोई उसेबचाने वाला नहीं था।तभी एक चोर उधर से गुजरा, गाय को फंसा हुआ देखकर भी नहीं रुका, उलटे उस पर पैर रखकर दलदल लांघकर निकल गया। आगे जाकर उसे सोने की मोहरों से भरी एक थैली मिल गई। थोड़ी देर बाद वहां से एक वृद्ध साधु गुजरा।उसने उस गाय को बचाने की पूरी कोशिश की। पूरे शरीर का जोर लगाकर उस गाय को बचा लिया लेकिन मैंनेदेखा कि गाय को दलदल से निकालने के बाद वह साधु आगे गया तो एक गड्ढे में गिर गया और उसे चोट लग गयी। भगवान बताइए यह कौन सा न्याय है।भगवान मुस्कुराए, फिर बोले नारद यह सही ही हुआ। जो चोर गाय पर पैर रखकर भाग गया था, उसकी किस्मत में तो एक खजाना था लेकिन उसके इस पाप के कारण उसे केवल कुछ मोहरे ही मिलीं।वहीं उस साधु को गड्ढे में इसलिए गिरना पड़ा क्योंकि उसके भाग्य में मृत्यु लिखी थी लेकिन गाय के बचाने के कारण उसके पुण्य बढ़ गए और उसे मृत्यु एक छोटी सी चोट में बदल गई। इंसान के कर्म सेउसका भाग्य तय होता है। अब नारद जी संतुष्ट थे|सार: सदा अच्छे कर्म मे ही प्रवत्त रहना चाहिए।