पहली - जिन हकीमों ने इलाज किया वो सब जनाजे को कँधा दें ........क्यों ?
*"ताकि सबको पता चल जाये कि हकीम भी मरने से रोक नहीं सकते"*
दूसरी - जनाजे की राह में वो सारी दौलत बिछा दी जाये जो उसने जिंदगी भर इकट्ठा करी .....क्यों ?
*"ताकि सब जान लें जब मौत की घड़ी आती है तब ये दौलत भी किसी काम नहीं आती"*
तीसरी - उसकी मौत के बाद जब उसका जनाजा निकले तो उसके दोनों हाथ बाहर लटकाये जाये ..........क्यों ?
*"ताकि सबको मालूम हो इंसान खाली हाथ आया है और खाली हाथ जायेगा"*
ना मेरा एक होगा ,ना तेरा लाख होगा ,
ना तेरी तारीफ़ होगी, ना मेरा मजाक होगा,
गुरूर न कर "शह-ए-शरीर पर".....!
मेरा भी ख़ाक होगा, तेरा भी ख़ाक होगा
